RBI द्वारा कर्ज पर मिली राहत के बावजूद अधिकतर EMI अदा करने के लिए मजबूर

0
156

लखनऊ ANN : देश अन-लॉकडाउन के पहले चरण में है। इससे देश के कई हिस्सों में बिजनेस वापस पटरी पर लौट रहा है। इसी के सहारे माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में लोन वसूली धीरे-धीरे बढ़ रही है। इससे कर्जदाताओं के पास उम्मीद से अधिक कैश फ्लो और कम लोन डिफॉल्ट केस सामने आने की संभावना बनी है। माइक्रोफाइनेंस के लगभग 30-40 प्रतिशत कर्जदारों ने मई के अंत में अपना बकाया वापस करना शुरू कर दिया है, जबकि अप्रैल में केवल 20-25 फीसदी ही ने कर्ज लौटाना शुरू किया था। आरबीआई की तरफ से अगस्त तक लोन ईएमआई पर मिली राहत के बावजूद कर्जदार अपना बेहतर क्रेडिट प्रदर्शन जारी रखने के लिए बकाया लौटा रहे हैं। इंडस्ट्री के जानकारों ने उम्मीद जताई है कि जून में कर्ज लौटाने वालों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी।
कैसा है कर्जदारों का हाल

अप्रैल के मुकाबले मई में बकाया लौटाने वाले रिटेल और एमएसएमई कर्जदारों मामूली गिरावट आई है, मगर फिर भी 65-80 फीसदी अपना बकाया मासिक लौटा रहे हैं। लोन ईएमआई पर राहत का फायदा उठाने वालों की संख्या बढ़ी है। मई में 5 फीसदी अधिक कर्जदारों ने लोन ईएमआई छूट का फायदा लिया। लोन चुकौती के संदर्भ में लगभग 75 प्रतिशत रिटेल और 65 प्रतिशत एमएसएमई उधारकर्ता किस्तों का भुगतान कर रहे हैं। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के मुताबिक उसके 82 प्रतिशत रिटेल कर्जदारों ने मई के अंत तक दो या अधिक किस्तों का भुगतान किया और लगभग 92 प्रतिशत ने इस दौरान एक या अधिक किस्तों का भुगतान किया है।
आने वाले समय मे क्या होगा हाल

व्यापार में कमी, नौकरियों की छंटनी और लॉकडाउन के दौरान सैलेरी में कटौती से कर्ज लेने वालों की लंबी अवधि में लोन चुकाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। जानकार भी 4 दशकों से ज्यादा समय में पहली बार जीडीपी में गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं। माइक्रोफाइनेंस सेक्टर, जो डोर-टू-डोर कलेक्शन पर निर्भर करता है, में अप्रैल में रिपेमेंट दर केवल 10-15 प्रतिशत थी जो मई में 25-40 प्रतिशत तक बढ़ी है। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में भी किफायती हाउसिंग सेगमेंट में बेहतर रीपेमेंट रिकॉर्ड देखा गया। आधार हाउसिंग फाइनेंस के अनुसार अप्रैल में 60 फीसदी के मुकाबले मई में बकाया चुकाने वाले लगभग 65 प्रतिशत रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here